भौगोलिक परिवेश (ग्रामीण एवं शहरी) के संदर्भ में शिक्षक-प्रशिक्षुओं की साइबर क्राइम जागरुकता का तुलनात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64880/ijeagr.v1i2.09Keywords:
साइबर क्राइम, साइबर जागरूकता, शिक्षक-प्रशिक्षु, ग्रामीण परिवेश, शहरी परिवेश, डिजिटल सुरक्षा।Abstract
वर्तमान समय में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) ने मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन किया है। शिक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य, शासन, व्यापार तथा सामाजिक जीवन में इंटरनेट एवं डिजिटल माध्यमों का प्रयोग अत्यधिक बढ़ गया है। इसके साथ-साथ साइबर अपराधों में भी निरंतर वृद्धि हुई है, जिसने व्यक्तिगत, सामाजिक तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष नई चुनौतियाँ उत्पन्न कर दी हैं। साइबर अपराध केवल आर्थिक हानि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत गोपनीयता, पहचान की चोरी, ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग, फिशिंग, है किंग तथा डिजिटल उत्पीड़न जैसी अनेक समस्याओं को जन्म देता है। शिक्षक-प्रशिक्षु भविष्य के शिक्षक होते हैं। वे विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा, साइबर नैतिकता तथा सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि ग्रामीण एवं शहरी पृष्ठभूमि से आने वाले शिक्षक-प्रशिक्षुओं में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता का स्तर किस प्रकार भिन्न है।प्रस्तुत अध्ययन में कुल 100 शिक्षक-प्रशिक्षुओं को शामिल किया गया, जिनमें 50 ग्रामीण तथा 50 शहरी शिक्षक-प्रशिक्षु थे। अध्ययन में वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया। प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण हेतु डमंदए ैजंदकंतक क्मअपंजपवद तथा प्दकमचमदकमदज ज.जमेज का उपयोग किया गया। अध्ययन में पाया गया कि शहरी शिक्षक-प्रशिक्षुओं का औसत जागरूकता स्तर (Mean = 134.0) ग्रामीण शिक्षक-प्रशिक्षुओं (Mean = 119.6) की अपेक्षा अधिक है। प्राप्त t = 7.42 तथा p< 0.001 से यह स्पष्ट हुआ कि दोनों समूहों के मध्य पाया गया अंतर अत्यंत सार्थक है।
अध्ययन का निष्कर्ष यह है कि भौगोलिक परिवेश शिक्षक-प्रशिक्षुओं की साइबर क्राइम जागरूकता को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करता है। अतः ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम तथा जागरूकता अभियानों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जाने की आवश्यकता है।
