उत्तर प्रदेश में विमुक्त जनजाति की महिलाओं की स्थिति

Authors

  • डॉ० सौम्या शंकर असिस्टेंट प्रोफेसर (समाजशास्त्र विभाग), डा. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुर्नवास विश्व विद्यालय, लखनऊ (उ0प्र0) भारत Author
  • मधु मिश्रा शोध छात्रा (समाजशास्त्र विभाग), डा. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुर्नवास विश्व विद्यालय, लखनऊ (उ0प्र0) भारत Author

DOI:

https://doi.org/10.64880/ijeagr.v1i3.17

Keywords:

विमुक्त जनजाति, महिलाओं की समाजिक स्थिति, आर्थिक स्थिति, शिक्षा, उत्तर प्रदेश, सशक्तिकरण।

Abstract

विमुक्त जनजातियाँ भारतीय समाज का एक ऐसा वर्ग है, जो ऐतिहासिक, सामाजिक तथा आर्थिक दृष्टि से लंबे समय से उपेक्षा एवं वंचन का सामना करता रहा है प्रस्तुत शोध पत्र का उद्देश्य उ0प्र0 की विमुक्त जनजाति महिलओं की सामाजिक आर्थिक एवं शैक्षिक स्थिति का अध्ययन करना है। इस अध्ययन में प्राथमिक व द्वितीयक आँकड़ों का उपयोग किया गया है। प्राथमिक आँकड़े 25 विमुक्त जनजाति महिलाओं से साक्षात्कार एवं प्रश्नावली के माध्यम से एकत्र किये गये जबकि द्वितीयक आँकड़े पुस्तकों शोध पत्रों, सरकारी रिपोटों तथा जनगणना संबंधी दस्तावेजों से प्राप्त किये गये हैं।

अध्ययन से ज्ञात हुआ अधिकांश महिलाएं आर्थिक रूप से कमजोर हैं तथा उनकी आजीविका दिहाड़ी मजदूरी एंव कृषि कार्य पर निर्भर है। शिक्षा का स्तर अपेक्षाकृत निम्न पाया गया तथा अधिकांश महिलाएं निरक्षण या प्राथमिक स्तर तक ही शिक्षति हैं। सामाजिक भेदभाव, लैंगिक असमानता, सीमित स्वास्थ्य सुविधाएं तथा सरकारी योजनाओं की अपर्याप्त पहुँच उनकी प्रमुख समस्याएं हैं। यद्यपि कुछ महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा हे फिर भी जागरूकता और प्रभावी क्रियान्वयन की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

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Published

2026-08-27

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How to Cite

उत्तर प्रदेश में विमुक्त जनजाति की महिलाओं की स्थिति. (2026). International Journal of Educational Analysis and Global Research (IJEAGR), 1(3), 138-145. https://doi.org/10.64880/ijeagr.v1i3.17