जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIETs) द्वारा आयोजित सेवाकालीन अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का समीक्षात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64880/ijeagr.v1i3.04Keywords:
DIETs, सेवाकालीन अध्यापक प्रशिक्षण, प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापक ।Abstract
शिक्षा मानव समाज की उन्नति का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। शिक्षा मनुष्य के व्यक्तिगत विकास का माध्यम है, साथ ही सामाजिक प्रगति और समृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्राचीन काल से ही सीखने–सिखाने की इस प्रक्रिया को समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्रदान किया गया है क्योंकि यह मनुष्य के अज्ञानता के अंधकार को दूर करती है। अध्यापन प्रक्रिया का प्रमुख संचालक अध्यापक होता है जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होता है। अध्यापक विद्यार्थियों के लिए सुविधाप्रदाता, सुगमकर्ता, चरित्र निर्माता एवं मार्गदर्शक की भूमिका का निर्वहन करता है। वह विद्यार्थियों में जिज्ञासु प्रवृत्ति जागृत करते हैं, उनमें प्रश्न पूछने की क्षमता विकसित करते हैं तथा जीवन मूल्यों को भी सीखाते हैं। इस प्रकार अध्यापक एक बेहतर समाज का निर्माण करते हैं। अध्यापकों की कमी तथा उनमें किसी प्रकार की गुणवत्ता का अभाव हो तो यह समाज के लिए हानिकारक होता ळें अध्यापकों में विभिन्न गुण तथा योग्यताएं होती है जैसे- शिक्षण अभिक्षमता, शिक्षण अभिवृत्ति, व्यावसायिक प्रतिबद्धता, शैक्षिक तकनीकी ज्ञान, बाल मनोविज्ञान एवं शिक्षाशास्त्र का ज्ञान और कक्षा कक्ष शिक्षण शैली आदि सम्मिलित होती है। अध्यापकों की इन्हीं गुणवत्ता में सुधार के लिए संचालित सेवाकालीन अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी आकलन किया जाना चाहिए जिससे यह ज्ञात हो सके की यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अध्यापकों की गुणवत्ता में वांछनीय परिमार्जन लाने में कितने सहायक हैं।
