विद्यालयी गुणवत्ता प्रबंधन में विद्यालय प्रबंध समिति की भूमिका

Authors

  • डॉ० संजय कुमार स्वर्णकार असिस्टेंट प्रोफेसर, बी० एड० विभाग, उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी। Author
  • डॉ० सुषमा वर्मा सहायक अध्यापिका, यू॰ पी॰ एस॰ मंचितपुर, अमावां, रायबरेली। Author

DOI:

https://doi.org/10.64880/ijeagr.v1i3.09

Keywords:

गुणवत्ता प्रबंधन, समुदाय, विद्यालय प्रबंध समिति, मानव संसाधन विकास।

Abstract

यह शोध आलेख भारत में शिक्षा की गुणवत्ता की चुनौतियों और विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है। शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का आधार है, लेकिन भारत में यह सीखने के खराब परिणामों (ASER 2024 रिपोर्ट) और जीडीपी का कम खर्च (4.6%) जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। इस समस्या के समाधान के लिए, शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के तहत अनिवार्य विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) एक महत्वपूर्ण संस्थागत व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य विद्यालय के कार्यों में समुदाय और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करके गुणवत्ता में सुधार करना है। विद्यालय प्रबंध समिति की मुख्य भूमिकाओं में विद्यालय विकास योजना (SDP) का निर्माण, सरकारी अनुदान का पारदर्शी प्रबंधन, और शिक्षक-छात्र उपस्थिति की निगरानी शामिल है; हालाँकि, जागरूकता और प्रशिक्षण की कमी तथा सहयोग का अभाव इसकी प्रभावशीलता में बाधक हैं। अतः विद्यालय प्रबंध समिति की पूर्ण क्षमता को साकार करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण, बेहतर जवाबदेही तंत्र, और पर्याप्त संसाधन आवंटित करना आवश्यक है।

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Published

2026-08-20

Issue

Section

Articles

How to Cite

विद्यालयी गुणवत्ता प्रबंधन में विद्यालय प्रबंध समिति की भूमिका. (2026). International Journal of Educational Analysis and Global Research (IJEAGR), 1(3), 69-75. https://doi.org/10.64880/ijeagr.v1i3.09