गोरखपुर जनपद के माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की संवेगात्मक बुद्धि का समायोजन पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन

लेखक

  • साधना सिंह शोधार्थिनी, बी.एड. विभाग, श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा ##default.groups.name.author##
  • प्रो0 संदीप कुमार श्रीवास्तव शोध निर्देशक, प्रोफेसर विभागाध्यक्ष (बी.एड. विभाग), श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा ##default.groups.name.author##

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https://doi.org/10.64880/ijeagr.v1i2.06

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माध्यमिक स्तर, विद्यार्थी, संवेगात्मक बुद्धि, समायोजन

सार

प्रस्तुत शोध का उद्देश्य गोरखपुर जनपद के माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की संवेगात्मक बुद्धि का उनके समायोजन पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाया गया है। अध्ययन में गोरखपुर जनपद के 250 माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को न्यादर्श के रूप में चयनित किया गया। आंकड़ों के संकलन हेतु एस.के. मंगल एवं शुभ्रा मंगल द्वारा निर्मित संवेगात्मक बुद्धि प्रश्नावली तथा ए.के.पी. सिन्हा एवं आर.पी. सिंह द्वारा निर्मित समायोजन प्रश्नावली का प्रयोग किया गया। अध्ययन में विद्यार्थियों, छात्रों तथा छात्राओं की संवेगात्मक बुद्धि एवं समायोजन के मध्य सहसम्बन्ध ज्ञात करने के लिए सहसम्बन्ध गुणांक (ब्वततमसंजपवद ब्वमििपबपमदज) का प्रयोग किया गया। प्राप्त परिणामों के अनुसार समस्त विद्यार्थियों में संवेगात्मक बुद्धि एवं समायोजन के मध्य 0.08, छात्रों में 0.06 तथा छात्राओं में 0.09 का निम्न धनात्मक सहसम्बन्ध प्राप्त हुआ। ये सभी सहसम्बन्ध सांख्यिकीय दृष्टि से असार्थक पाए गए। अध्ययन के निष्कर्षों से स्पष्ट हुआ कि गोरखपुर जनपद के माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों, छात्रों एवं छात्राओं की संवेगात्मक बुद्धि का उनके समायोजन पर कोई सार्थक प्रभाव नहीं पाया गया। अतः प्रस्तुत अध्ययन की शून्य परिकल्पनाएँ स्वीकार की गईं। शोध से यह निष्कर्ष प्राप्त हुआ कि अध्ययन में सम्मिलित विद्यार्थियों के समायोजन को प्रभावित करने वाले अन्य कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जिनका भविष्य में अध्ययन किया जाना आवश्यक है।

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प्रकाशित

2026-05-20

अंक

खंड

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